बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखहिं रूप महा रनधीरा। मनहुँ बीर रसु धरें सरीरा।।
मूल पाठ
देखहिं रूप महा रनधीरा। मनहुँ बीर रसु धरें सरीरा।।
डरे कुटिल नृप प्रभुहि निहारी। मनहुँ भयानक मूरति भारी।।
स्रोत अभिलेख 1.241 · पुस्तक पृ. 235, 235
भावार्थ
मूल पाठ के बादमहान् रणधीर (राजालोग) श्रीरामचन्द्रजीके रूपको ऐसा देख रहे हैं, मानो स्वयं वीर-रस शरीर धारण किये हुए हो। कुटिल राजा प्रभुको देखकर डर गये, मानो बड़ी भयानक मूॢत हो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 235 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखहिं रूप महा रनधीरा। मनहुँ बीर रसु धरें सरीरा।।
English explanation
The great battle heroes see his form as though the heroic sentiment itself had taken a body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहिं | देखते हैं | see |
| रूप | प्रभु का रूप | the Lord’s form |
| महा | महान | great |
| रनधीरा | युद्ध में धीर वीर | steadfast battle heroes |
| मनहुँ | मानो | as though |
| बीर | वीरता का | heroic |
| रसु | रस या भाव | aesthetic sentiment |
| धरें | धारण किए हो | had assumed |
| सरीरा | शरीर | a body |
2 डरे कुटिल नृप प्रभुहि निहारी। मनहुँ भयानक मूरति भारी।।
English explanation
The deceitful kings were frightened on seeing the Lord, as though he were an intensely terrifying form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| डरे | डर गए | became afraid |
| कुटिल | कुटिल | deceitful |
| नृप | राजा | kings |
| प्रभुहि | प्रभु राम को | Lord Rama |
| निहारी | देखकर | on seeing |
| मनहुँ | मानो | as though |
| भयानक | भयावह | terrifying |
| मूरति | रूप | form |
| भारी | अत्यंत | exceedingly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.241
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 235
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 235, 235
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