बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखन नगरु भूपसुत आए। समाचार पुरबासिन्ह पाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब पुरवासियोंने यह समाचार पाया कि दोनों राजकुमार नगर देखनेके लिये आये हैं, तब वे सब घर-बार और सब काम-काज छोड़कर ऐसे दौड़े मानो दरिद्री [धनका] खजाना लूटने दौड़े हों॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 217 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखन नगरु भूपसुत आए। समाचार पुरबासिन्ह पाए।।
धाए धाम काम सब त्यागी। मनहु रंक निधि लूटन लागी।।
स्रोत अभिलेख 1.22 · पुस्तक पृ. 217, 218
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखन नगरु भूपसुत आए। समाचार पुरबासिन्ह पाए।।
English explanation
AI-generated draft: The townspeople received word that the king’s sons had come to see the city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखन | देखने के लिए | to see |
| नगरु | नगर | the city |
| भूपसुत | राजा के पुत्र, राम और लक्ष्मण | the king’s sons, Rama and Lakshmana |
| आए | आए हैं | have come |
| समाचार | समाचार | the news |
| पुरबासिन्ह | नगरवासियों ने | the townspeople |
| पाए | प्राप्त किया | received |
2 धाए धाम काम सब त्यागी। मनहु रंक निधि लूटन लागी।।
English explanation
They rushed out, leaving their homes and all their tasks, as though poor people were rushing to plunder a treasure.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धाए | दौड़ पड़े | rushed |
| धाम | घर | homes |
| काम | काम-काज | tasks |
| सब | सभी | all |
| त्यागी | छोड़कर | leaving behind |
| मनहु | मानो | as though |
| रंक | निर्धन लोग | poor people |
| निधि | खजाना | a treasure |
| लूटन | लूटने | to plunder |
| लागी | के लिए | for the purpose of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 217
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 217, 218
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।