बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखत भीमरूप सब पापी। निसिचर निकर देव परितापी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसब राक्षसोंके समूह देखनेमें बड़े भयानक, पापी और देवताओंको दु:ख देनेवाले थे। वे असुरोंके समूह उपद्रव करते थे और मायासे अनेकों प्रकारके रूप धरते थे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 183 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखत भीमरूप सब पापी। निसिचर निकर देव परितापी।।
करहि उपद्रव असुर निकाया। नाना रूप धरहिं करि माया।।
स्रोत अभिलेख 1.183 · पुस्तक पृ. 183, 184
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखत भीमरूप सब पापी। निसिचर निकर देव परितापी।।
English explanation
All those sinful demons were fearsome in appearance; their hordes tormented the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखत | देखने में | in appearance |
| भीमरूप | भयानक रूप वाले | fearsome in form |
| सब | सभी | all |
| पापी | पाप करने वाले | sinful ones |
| निसिचर | राक्षस | demons |
| निकर | समूह | hordes |
| देव | देवताओं को | the gods |
| परितापी | संताप देने वाले | tormenting |
2 करहि उपद्रव असुर निकाया। नाना रूप धरहिं करि माया।।
English explanation
The bands of demons cause havoc and assume various forms through illusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करहि | करते हैं | cause |
| उपद्रव | उत्पात | havoc |
| असुर | राक्षसों के | of demons |
| निकाया | समूह | bands |
| नाना | अनेक प्रकार के | various |
| रूप | रूप | forms |
| धरहिं | धारण करते हैं | assume |
| करि | प्रयोग करके | by employing |
| माया | मायावी शक्ति | illusion |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.183
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 183
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 183, 184
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।