बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दूषन रहित सकल गुन रासी। श्रीपति पुर बैकुंठ निवासी।।
मूल पाठ
दूषन रहित सकल गुन रासी। श्रीपति पुर बैकुंठ निवासी।।
अस बरु तुम्हहि मिलाउब आनी। सुनत बिहसि कह बचन भवानी।।
स्रोत अभिलेख 1.8 · पुस्तक पृ. 95, 96
भावार्थ
मूल पाठ के बादवह दोषोंसे रहित, सारे सद्गुणोंकी राशि, लक्ष्मीका स्वामी और वैकुण्ठपुरीका रहनेवाला है। हम ऐसे वरको लाकर तुमसे मिला देंगे। यह सुनते ही पार्वतीजी हँसकर बोलीं—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 95 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1दूषन रहित सकल गुन रासी। श्रीपति पुर बैकुंठ निवासी।।
English explanation
He is free of faults, the sum of all virtues, Vishnu—the consort of Lakshmi—and a resident of the city of Vaikuntha.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूषन | दोष | faults; blemishes |
| रहित | से रहित | free from |
| सकल | सभी | all |
| गुन | गुण | virtues |
| रासी | राशि; भंडार | sum; treasury |
| श्रीपति | लक्ष्मी के पति विष्णु | Vishnu, consort of Lakshmi |
| पुर | नगर | city |
| बैकुंठ | वैकुंठ; विष्णु का धाम | Vaikuntha, Vishnu's abode |
| निवासी | निवास करने वाले | resident; dwelling in |
2 अस बरु तुम्हहि मिलाउब आनी। सुनत बिहसि कह बचन भवानी।।
English explanation
We shall bring such a bridegroom and unite you with him. Hearing this, Bhavani laughed and spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | such |
| बरु | वर | bridegroom |
| तुम्हहि | तुम्हें; तुम्हारा | you |
| मिलाउब | मिलन कराएँगे | shall unite; shall arrange a match |
| आनी | लाकर | having brought |
| सुनत | सुनकर | on hearing |
| बिहसि | हँसकर | laughing |
| कह | कहती हैं; बोलीं | says; spoke |
| बचन | वचन; बात | words |
| भवानी | भवानी; पार्वती | Bhavani, Parvati |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 95
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 95, 96
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