बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अजहूँ मानहु कहा हमारा। हम तुम्ह कहुँ बरु नीक बिचारा।।
मूल पाठ
अजहूँ मानहु कहा हमारा। हम तुम्ह कहुँ बरु नीक बिचारा।।
अति सुंदर सुचि सुखद सुसीला। गावहिं बेद जासु जस लीला।।
स्रोत अभिलेख 1.8 · पुस्तक पृ. 95, 96
भावार्थ
मूल पाठ के बादअब भी हमारा कहा मानो, हमने तुम्हारे लिये अच्छा वर विचारा है। वह बहुत ही सुन्दर, पवित्र, सुखदायक और सुशील है, जिसका यश और लीला वेद गाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 95 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अजहूँ मानहु कहा हमारा। हम तुम्ह कहुँ बरु नीक बिचारा।।
English explanation
AI draft: Even now, heed our advice. We have considered a good bridegroom for you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजहूँ | अभी भी | even now |
| मानहु | मान लो | heed; accept |
| कहा | कही हुई बात | what is said; advice |
| हमारा | हमारी | our |
| हम | हमने | we |
| तुम्ह | तुम्हारे | you |
| कहुँ | लिए | for |
| बरु | वर; विवाह का भावी पति | bridegroom; prospective husband |
| नीक | अच्छा | good; suitable |
| बिचारा | विचार किया है; चुना है | have considered; selected |
2अति सुंदर सुचि सुखद सुसीला। गावहिं बेद जासु जस लीला।।
English explanation
He is exceedingly beautiful, pure, joy-giving, and virtuous; the Vedas sing his glory and divine deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सुचि | पवित्र | pure |
| सुखद | सुख देने वाला | giving happiness |
| सुसीला | अच्छे स्वभाव वाला; सुशील | virtuous; of good disposition |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| बेद | वेद | the Vedas, sacred scriptures |
| जासु | जिसका | whose |
| जस | यश | glory; renown |
| लीला | लीलाएँ; दिव्य चरित | divine deeds; exploits |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 95
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 95, 96
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।