बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दुंदुभि धुनि घन गरजनि घोरा। जाचक चातक दादुर मोरा।।
मूल पाठ
दुंदुभि धुनि घन गरजनि घोरा। जाचक चातक दादुर मोरा।।
सुर सुगन्ध सुचि बरषहिं बारी। सुखी सकल ससि पुर नर नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.347 · पुस्तक पृ. 329, 329
भावार्थ
मूल पाठ के बादनगाड़ोंकी ध्वनि मानो बादलोंकी घोर गर्जना है। याचकगण पपीहे, मेढक और मोर हैं। देवता पवित्र सुगन्धरूपी जल बरसा रहे हैं, जिससे खेतीके समान नगरके सब स्त्री-पुरुष सुखी हो रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 329 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 दुंदुभि धुनि घन गरजनि घोरा। जाचक चातक दादुर मोरा।।
English explanation
The sound of kettledrums resembles the mighty thunder of clouds; the supplicants are likened to rain-seeking chatak birds, frogs, and peacocks.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुंदुभि | दुंदुभियों की | of kettledrums |
| धुनि | ध्वनि | sound |
| घन | बादलों की | of clouds |
| गरजनि | गर्जना | thunder |
| घोरा | प्रचंड; गंभीर | mighty; deep |
| जाचक | दान माँगने वाले | supplicants seeking gifts |
| चातक | वर्षा की प्रतीक्षा करने वाले चातक पक्षी | rain-seeking chatak birds |
| दादुर | मेंढक | frogs |
| मोरा | मोर | peacocks |
2 सुर सुगन्ध सुचि बरषहिं बारी। सुखी सकल ससि पुर नर नारी।।
English explanation
The gods shower fragrant, pure water; all the city's men and women are happy. The connection of ‘ससि’ in this line is unclear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | the gods |
| सुगन्ध | सुगंधित | fragrant |
| सुचि | पवित्र; निर्मल | pure; clean |
| बरषहिं | बरसाते हैं | shower down |
| बारी | जल | water |
| सुखी | प्रसन्न; सुखी | happy |
| सकल | सभी | all |
| ससि | — | — |
| पुर | नगर के | of the city |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.347
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 329
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 329, 329
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।