बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दरस परस मज्जन अरु पाना। हरइ पाप कह बेद पुराना।।
मूल पाठ
दरस परस मज्जन अरु पाना। हरइ पाप कह बेद पुराना।।
नदी पुनीत अमित महिमा अति। कहि न सकइ सारद बिमलमति।।
स्रोत अभिलेख 1.35 · पुस्तक पृ. 57, 58
भावार्थ
मूल पाठ के बादवेद-पुराण कहते हैं कि श्रीसरयूजीका दर्शन, स्पर्श, स्नान और जलपान पापोंको हरता है। यह नदी बड़ी ही पवित्र है, इसकी महिमा अनन्त है, जिसे विमल बुद्धिवाली सरस्वतीजी भी नहीं कह सकतीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 57 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दरस परस मज्जन अरु पाना। हरइ पाप कह बेद पुराना।।
English explanation
Seeing and touching this river, bathing in it, and drinking its water remove sins, say the Vedas and Puranas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दरस | दर्शन करना | seeing the river |
| परस | स्पर्श करना | touching its water |
| मज्जन | स्नान करना | bathing in it |
| अरु | और | and |
| पाना | जल पीना | drinking its water |
| हरइ | हरता है; दूर करता है | removes |
| पाप | पाप | sins |
| कह | कहते हैं | say |
| बेद | वेद | the Vedas |
| पुराना | पुराण | the Puranas |
2 नदी पुनीत अमित महिमा अति। कहि न सकइ सारद बिमलमति।।
English explanation
This sacred river has utterly boundless glory; even Saraswati, with her pure intellect, cannot describe it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नदी | नदी | the river |
| पुनीत | पवित्र | sacred |
| अमित | असीम | immeasurable |
| महिमा | महिमा | glory |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| कहि | वर्णन कर | describe |
| न | नहीं | not |
| सकइ | सकती हैं | can |
| सारद | सरस्वती, वाणी की देवी | Saraswati, goddess of speech |
| बिमलमति | निर्मल बुद्धि वाली | of pure intellect |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 57
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 57, 58
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।