बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तौ हमार पन सुनहु मुनीसा। करिहहिं सत्य कृपानिधि ईसा।।
मूल पाठ
तौ हमार पन सुनहु मुनीसा। करिहहिं सत्य कृपानिधि ईसा।।
तुम्ह जो कहा हर जारेउ मारा। सोइ अति बड़ अबिबेकु तुम्हारा।।
स्रोत अभिलेख 1.9 · पुस्तक पृ. 104, 105
भावार्थ
मूल पाठ के बादतो हे मुनीश्वरो! सुनिये, वे कृपानिधान भगवान् मेरी प्रतिज्ञाको सत्य करेंगे। आपने जो यह कहा कि शिवजीने कामदेवको भस्म कर दिया, यही आपका बड़ा भारी अविवेक है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 104 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तौ हमार पन सुनहु मुनीसा। करिहहिं सत्य कृपानिधि ईसा।।
English explanation
Then hear, O eminent sages: Lord Shiva, the treasure of compassion, will fulfill my vow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| हमार | मेरा | my |
| पन | प्रण | vow |
| सुनहु | सुनिए | hear |
| मुनीसा | हे श्रेष्ठ मुनियो | O eminent sages |
| करिहहिं | करेंगे | will make |
| सत्य | सत्य; सिद्ध | true; fulfilled |
| कृपानिधि | कृपा के भंडार | the treasure of compassion |
| ईसा | प्रभु शिव | Lord Shiva |
2 तुम्ह जो कहा हर जारेउ मारा। सोइ अति बड़ अबिबेकु तुम्हारा।।
English explanation
Your statement that Shiva burned the god of desire shows your very great lack of discernment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आपने | you |
| जो | जो | what |
| कहा | कहा | said |
| हर | शिव ने | Shiva |
| जारेउ | जला दिया | burned |
| मारा | कामदेव को | the god of desire |
| सोइ | वही | that very thing |
| अति | बहुत | very |
| बड़ | बड़ी | great |
| अबिबेकु | विवेकहीनता | lack of discernment |
| तुम्हारा | आपकी | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 104
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 104, 105
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।