बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहिं मोहि रघुबर कै दासी।।
मूल पाठ
तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहिं मोहि रघुबर कै दासी।।
जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू। सो तेहि मिलइ न कछु संहेहू।।
स्रोत अभिलेख 1.259 · पुस्तक पृ. 250, 251
भावार्थ
मूल पाठ के बादतो सबके हृदयमें निवास करनेवाले भगवान् मुझे रघुश्रेष्ठ श्रीरामचन्द्रजीकी दासी अवश्य बनायेंगे। जिसका जिसपर सच्चा स्नेह होता है, वह उसे मिलता ही है, इसमें कुछ भी सन्देह नहीं है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 251 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहिं मोहि रघुबर कै दासी।।
English explanation
Then God, who dwells in every heart, will make me Rama’s handmaid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| भगवानु | भगवान | God |
| सकल | सबके | of all |
| उर | हृदय में | in the hearts |
| बासी | निवास करने वाले | dwelling |
| करिहिं | बनाएँगे | will make |
| मोहि | मुझे | me |
| रघुबर | श्रीराम | Rama, foremost of Raghu’s line |
| कै | की | of |
| दासी | दासी; सेविका | handmaid; servant |
2 जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू। सो तेहि मिलइ न कछु संहेहू।।
English explanation
Whoever truly loves someone is united with that beloved; there is no doubt about it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस व्यक्ति | the person who |
| कें | का | whose |
| जेहि | जिस पर; जिस प्रिय के प्रति | whom; the beloved toward whom |
| पर | पर; के प्रति | toward |
| सत्य | सच्चा | true |
| सनेहू | प्रेम | love |
| सो | वह प्रिय | that beloved |
| तेहि | उस प्रेम करने वाले को | to that loving person |
| मिलइ | मिलता है | is united; becomes available |
| न | नहीं | not |
| कछु | कुछ भी | any |
| संहेहू | संदेह | doubt |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.259
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 251
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 250, 251
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।