बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ते नर यह सर तजहिं न काऊ। जिन्ह के राम चरन भल भाऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिनके मनमें श्रीरामचन्द्रजीके चरणोंमें सुन्दर प्रेम है, वे इस सरोवरको कभी नहीं छोड़ते। हे भाई! जो इस सरोवरमें स्नान करना चाहे वह मन लगाकर सत्संग करे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 62 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
ते नर यह सर तजहिं न काऊ। जिन्ह के राम चरन भल भाऊ।।
जो नहाइ चह एहिं सर भाई। सो सतसंग करउ मन लाई।।
स्रोत अभिलेख 1.39 · पुस्तक पृ. 61, 63
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ते नर यह सर तजहिं न काऊ। जिन्ह के राम चरन भल भाऊ।।
English explanation
Those who have sincere love for Rama’s feet never abandon this lake.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ते | वे | those |
| नर | लोग | people |
| यह | इस | this |
| सर | सरोवर को | lake |
| तजहिं | छोड़ते हैं | abandon |
| न | नहीं | not |
| काऊ | कभी | ever |
| जिन्ह | जिन लोगों | those whom |
| के | का; जिनके भीतर | whose; in whom |
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| चरन | चरणों में | toward the feet |
| भल | सच्चा; उत्तम | sincere; good |
| भाऊ | प्रेमभाव | loving devotion |
2 जो नहाइ चह एहिं सर भाई। सो सतसंग करउ मन लाई।।
English explanation
Brother, whoever wishes to bathe in this lake should wholeheartedly keep holy company.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो व्यक्ति | whoever |
| नहाइ | स्नान करना | to bathe |
| चह | चाहता है | wishes |
| एहिं | इसमें; इस | in this |
| सर | सरोवर | lake |
| भाई | हे भाई | O brother |
| सो | वह व्यक्ति | that person |
| सतसंग | सज्जनों और संतों की संगति | holy company |
| करउ | करे | should practice |
| मन | मन | mind |
| लाई | लगाकर | with full attention |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 62
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 63
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