बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि न जान नृप नृपहि सो जाना। भूप सुह्रद सो कपट सयाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाने उसको नहीं पहचाना, पर वह राजाको पहचान गया था। राजा तो शुद्धहृदय था और वह कपट करनेमें चतुर था। एक तो वैरी, फिर जातिका क्षत्रिय, फिर राजा। वह छल-बलसे अपना काम बनाना चाहता था॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 165 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि न जान नृप नृपहि सो जाना। भूप सुह्रद सो कपट सयाना।।
बैरी पुनि छत्री पुनि राजा। छल बल कीन्ह चहइ निज काजा।।
स्रोत अभिलेख 1.16 · पुस्तक पृ. 164, 165
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तेहि न जान नृप नृपहि सो जाना। भूप सुह्रद सो कपट सयाना।।
English explanation
The king did not recognize him, but he recognized the king. The king was good-hearted, while the other man was skilled in deceit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसे; साधुवेषधारी को | him, the disguised ascetic |
| न | नहीं | not |
| जान | पहचाना | recognized |
| नृप | राजा ने | the king |
| नृपहि | राजा को | the king, as the object |
| सो | वह साधुवेषधारी | that disguised ascetic |
| जाना | पहचान गया | recognized |
| भूप | राजा | the king |
| सुह्रद | सुहृदय; भला | good-hearted |
| सो | वह दूसरा व्यक्ति | the other man |
| कपट | छल में | in deceit |
| सयाना | चतुर | skilled |
2 बैरी पुनि छत्री पुनि राजा। छल बल कीन्ह चहइ निज काजा।।
English explanation
He was an enemy, a warrior, and also a king; he wanted to accomplish his purpose through deceit and force.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैरी | शत्रु | an enemy |
| पुनि | फिर; ऊपर से | moreover |
| छत्री | क्षत्रिय | a member of the warrior class |
| पुनि | फिर; साथ ही | also |
| राजा | राजा | a king |
| छल | छल से | through deceit |
| बल | बल से | through force |
| कीन्ह | पूरा करना | to accomplish |
| चहइ | चाहता है | wants |
| निज | अपना | his own |
| काजा | काम; उद्देश्य | purpose |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 165
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 164, 165
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।