बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि के सत सुत अरु दस भाई। खल अति अजय देव दुखदाई।।
मूल पाठ
तेहि के सत सुत अरु दस भाई। खल अति अजय देव दुखदाई।।
प्रथमहि भूप समर सब मारे। बिप्र संत सुर देखि दुखारे।।
स्रोत अभिलेख 1.17 · पुस्तक पृ. 172, 173
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसके सौ पुत्र और दस भाई थे, जो बड़े ही दुष्ट, किसीसे न जीते जानेवाले और देवताओंको दु:ख देनेवाले थे। ब्राह्मणों, संतों और देवताओंको दुखी देखकर राजाने उन सबको पहले ही युद्धमें मार डाला था॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 173 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तेहि के सत सुत अरु दस भाई। खल अति अजय देव दुखदाई।।
English explanation
Kalaketu had a hundred sons and ten brothers; they were wicked, exceedingly hard to defeat, and tormentors of the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस कालकेतु | that Kalaketu |
| के | के | of; his |
| सत | सौ | one hundred |
| सुत | पुत्र | sons |
| अरु | और | and |
| दस | दस | ten |
| भाई | भाई | brothers |
| खल | दुष्ट | wicked |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| अजय | दुर्जेय | hard to defeat |
| देव | देवताओं को | to the gods |
| दुखदाई | दुःख देने वाले | causing suffering |
2 प्रथमहि भूप समर सब मारे। बिप्र संत सुर देखि दुखारे।।
English explanation
Seeing the Brahmins, saints, and gods distressed, the king had already killed them all in battle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथमहि | पहले ही | already; previously |
| भूप | राजा ने | the king |
| समर | युद्ध में | in battle |
| सब | उन सबको | all of them |
| मारे | मार डाला था | had killed |
| बिप्र | ब्राह्मणों को | the Brahmins |
| संत | संतों को | the saints |
| सुर | देवताओं को | the gods |
| देखि | देखकर | having seen |
| दुखारे | दुःखी; पीड़ित | distressed; afflicted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 173
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 172, 173
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