बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि कारन आवत हियँ हारे। कामी काक बलाक बिचारे।।
मूल पाठ
तेहि कारन आवत हियँ हारे। कामी काक बलाक बिचारे।।
आवत एहिं सर अति कठिनाई। राम कृपा बिनु आइ न जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.38 · पुस्तक पृ. 61, 61
भावार्थ
मूल पाठ के बादइसी कारण बेचारे कौवे और बगुलेरूपी विषयी लोग यहाँ आते हुए हृदयमें हार मान जाते हैं। क्योंकि इस सरोवरतक आनेमें कठिनाइयाँ बहुत हैं। श्रीरामजीकी कृपा बिना यहाँ नहीं आया जाता॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 61 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तेहि कारन आवत हियँ हारे। कामी काक बलाक बिचारे।।
English explanation
For that reason, the pitiable lustful people, likened to crows and herons, lose heart in trying to come here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| कारन | कारण से | because of |
| आवत | आते समय, आने के प्रयास में | in trying to come |
| हियँ | हृदय में | at heart |
| हारे | हार जाते हैं | lose courage |
| कामी | कामना और भोग में आसक्त लोग | lustful, pleasure-seeking people |
| काक | कौए | crows |
| बलाक | बगुले | herons |
| बिचारे | बेचारे | pitiable ones |
2 आवत एहिं सर अति कठिनाई। राम कृपा बिनु आइ न जाई।।
English explanation
Reaching this lake is very difficult; without Rama’s grace, one cannot come here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आने में | in coming |
| एहिं | इस | this |
| सर | सरोवर तक | to the lake |
| अति | बहुत | great |
| कठिनाई | कठिनाई है | difficulty |
| राम | भगवान राम की | of Lord Rama |
| कृपा | कृपा | grace |
| बिनु | बिना | without |
| आइ | आया | come |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकता | can be |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 61
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 61
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।