बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कठिन कुसंग कुपंथ कराला। तिन्ह के बचन बाघ हरि ब्याला।।
मूल पाठ
कठिन कुसंग कुपंथ कराला। तिन्ह के बचन बाघ हरि ब्याला।।
गृह कारज नाना जंजाला। ते अति दुर्गम सैल बिसाला।।
स्रोत अभिलेख 1.38 · पुस्तक पृ. 61, 61
भावार्थ
मूल पाठ के बादघोर कुसंग ही भयानक बुरा रास्ता है; उन कुसंगियोंके वचन ही बाघ, सिंह और साँप हैं। घरके काम-काज और गृहस्थीके भाँति-भाँतिके जंजाल ही अत्यन्त दुर्गम बड़े-बड़े पहाड़ हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 61 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कठिन कुसंग कुपंथ कराला। तिन्ह के बचन बाघ हरि ब्याला।।
English explanation
Bad company is a difficult, dreadful wrong path; the words of such companions are tigers, lions, and snakes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कठिन | कठिन | difficult |
| कुसंग | बुरी संगति | bad company |
| कुपंथ | गलत मार्ग | wrong path |
| कराला | भयावह | terrifying |
| तिन्ह | उन कुसंगियों | those bad companions |
| के | के | of |
| बचन | वचन | words |
| बाघ | बाघ | tigers |
| हरि | सिंह | lions |
| ब्याला | साँप | snakes |
2 गृह कारज नाना जंजाला। ते अति दुर्गम सैल बिसाला।।
English explanation
Household tasks and varied entanglements are immense mountains, exceedingly difficult to cross.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गृह | घर के | household |
| कारज | काम | tasks |
| नाना | विविध | various |
| जंजाला | उलझनें | entanglements |
| ते | वे | those |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| दुर्गम | पार करना कठिन | hard to traverse |
| सैल | पर्वत | mountains |
| बिसाला | विशाल | immense |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 61
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 61
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।