बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि अवसर भंजन महिभारा। हरि रघुबंस लीन्ह अवतारा।।
मूल पाठ
तेहि अवसर भंजन महिभारा। हरि रघुबंस लीन्ह अवतारा।।
पिता बचन तजि राजु उदासी। दंडक बन बिचरत अबिनासी।।
स्रोत अभिलेख 1.48 · पुस्तक पृ. 69, 70
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्हीं दिनों पृथ्वीका भार उतारनेके लिये श्रीहरिने रघुवंशमें अवतार लिया था। वे अविनाशी भगवान् उस समय पिताके वचनसे राज्यका त्याग करके तपस्वी या साधुवेशमें दण्डकवनमें विचर रहे थे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 70 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तेहि अवसर भंजन महिभारा। हरि रघुबंस लीन्ह अवतारा।।
English explanation
At that time, Hari had taken birth in Raghu’s lineage to remove the burden of the earth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | time |
| भंजन | दूर करने के लिए | to remove |
| महिभारा | पृथ्वी का भार | the burden of the earth |
| हरि | हरि अर्थात विष्णु | Hari, Vishnu |
| रघुबंस | रघु के वंश में | in Raghu’s lineage |
| लीन्ह | लिया | took |
| अवतारा | अवतार | an incarnation |
2 पिता बचन तजि राजु उदासी। दंडक बन बिचरत अबिनासी।।
English explanation
Having relinquished the kingdom in obedience to his father’s word, the imperishable Lord was roaming the Dandaka forest as a renunciant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पिता | पिता के | his father’s |
| बचन | वचन के कारण; आज्ञा से | in obedience to the word |
| तजि | छोड़कर | having abandoned |
| राजु | राज्य | the kingdom |
| उदासी | विरक्त; तपस्वी वेश में | as a renunciant |
| दंडक | दंडक नामक | Dandaka |
| बन | वन में | in the forest |
| बिचरत | विचर रहे थे | was roaming |
| अबिनासी | अविनाशी प्रभु राम | the imperishable Lord Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 70
- सहायक विषय
- याज्ञवल्क्य-भरद्वाज-संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 69, 70
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।