बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहिं बल मैं रघुपति गुन गाथा। कहिहउँ नाइ राम पद माथा।।
मूल पाठ
तेहिं बल मैं रघुपति गुन गाथा। कहिहउँ नाइ राम पद माथा।।
मुनिन्ह प्रथम हरि कीरति गाई। तेहिं मग चलत सुगम मोहि भाई।।
स्रोत अभिलेख 1.13 · पुस्तक पृ. 34, 35
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसी बलसे (महिमाका यथार्थ वर्णन नहीं, परन्तु महान् फल देनेवाला भजन समझकर भगवत्कृपाके बलपर ही) मैं श्रीरामचन्द्रजीके चरणोंमें सिर नवाकर श्रीरघुनाथजीके गुणोंकी कथा कहूँगा। इसी विचारसे [वाल्मीकि, व्यास आदि] मुनियोंने पहले हरिकी कीॢत गायी है, भाई! उसी मार्गपर चलना मेरे लिये सुगम होगा॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 34 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तेहिं बल मैं रघुपति गुन गाथा। कहिहउँ नाइ राम पद माथा।।
English explanation
With that support, I shall bow my head at Rama’s feet and narrate the virtues of the Lord of the Raghu line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उसी के | of that very |
| बल | सहारे, भरोसे | support, confidence |
| मैं | मैं | I |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम के | of Rama, lord of the Raghu line |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| गाथा | कथा | account |
| कहिहउँ | कहूँगा | I shall narrate |
| नाइ | झुकाकर | having bowed |
| राम | राम के | of Rama |
| पद | चरणों में | at the feet |
| माथा | सिर | my head |
2 मुनिन्ह प्रथम हरि कीरति गाई। तेहिं मग चलत सुगम मोहि भाई।।
English explanation
The sages have already sung Hari’s glory; walking that same path has become easy for me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| प्रथम | पहले | previously |
| हरि | भगवान हरि की | of Hari, the Lord |
| कीरति | कीर्ति | glory |
| गाई | गाई | sang |
| तेहिं | उसी | that same |
| मग | मार्ग पर | on the path |
| चलत | चलना | walking |
| सुगम | आसान | easy |
| मोहि | मेरे लिए | for me |
| भाई | हो गया है | has become |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 34
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 34, 35
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