बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे प्रभु श्रीरघुनाथजी गयी हुई वस्तुको फिर प्राप्त करानेवाले, गरीबनिवाज (दीनबन्धु), सरलस्वभाव, सर्वशक्तिमान् और सबके स्वामी हैं। यही समझकर बुद्धिमान् लोग उन श्रीहरिका यश वर्णन करके अपनी वाणीको पवित्र और उत्तम फल (मोक्ष और दुर्लभ भगवत्प्रेम) देनेवाली बनाते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 34 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।।
बुध बरनहिं हरि जस अस जानी। करहि पुनीत सुफल निज बानी।।
स्रोत अभिलेख 1.13 · पुस्तक पृ. 34, 35
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।।
English explanation
Rama, king of the Raghu line, restores what has been lost, favors the poor and helpless, and is an approachable, powerful lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गई | खोई हुई दशा या संपदा | a lost condition or fortune |
| बहोर | फिर सँवारने वाले | one who restores |
| गरीब | दीनों और निर्धनों पर | the poor and helpless |
| नेवाजू | कृपा करने वाले | one who favors |
| सरल | सरल, सहज सुलभ | gentle and approachable |
| सबल | समर्थ | powerful |
| साहिब | स्वामी | lord |
| रघुराजू | रघुवंश के राजा राम | Rama, king of the Raghu line |
2 बुध बरनहिं हरि जस अस जानी। करहि पुनीत सुफल निज बानी।।
English explanation
Knowing this, the wise recount Hari’s glory and make their own speech pure and fruitful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बुध | ज्ञानी जन | the wise |
| बरनहिं | वर्णन करते हैं | recount |
| हरि | भगवान हरि का | of Hari, the Lord |
| जस | यश | glory |
| अस | ऐसा | this |
| जानी | जानकर | knowing |
| करहि | बनाते हैं | make |
| पुनीत | पवित्र | pure |
| सुफल | सफल, सार्थक | fruitful |
| निज | अपनी | their own |
| बानी | वाणी | speech |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 34
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 34, 35
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।