बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तिन्ह सब छयल भए असवारा। भरत सरिस बय राजकुमारा।।
मूल पाठ
तिन्ह सब छयल भए असवारा। भरत सरिस बय राजकुमारा।।
सब सुंदर सब भूषनधारी। कर सर चाप तून कटि भारी।।
स्रोत अभिलेख 1.298 · पुस्तक पृ. 281, 282
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन सब घोड़ोंपर भरतजीके समान अवस्थावाले सब छैल-छबीले राजकुमार सवार हुए। वे सभी सुन्दर हैं और सब आभूषण धारण किये हुए हैं। उनके हाथोंमें बाण और धनुष हैं तथा कमरमें भारी तरकस बँधे हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 282 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तिन्ह सब छयल भए असवारा। भरत सरिस बय राजकुमारा।।
English explanation
The elegant young princes, all about Bharata’s age, mounted those horses.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उन घोड़ों पर | on those horses |
| सब | सभी | all |
| छयल | सजीले युवक | dashing young men |
| भए | हुए | became |
| असवारा | सवार | mounted riders |
| भरत | भरत के | Bharata’s |
| सरिस | समान | similar to; the same as |
| बय | आयु | age |
| राजकुमारा | राजकुमार | princes |
2 सब सुंदर सब भूषनधारी। कर सर चाप तून कटि भारी।।
English explanation
All were handsome and wore ornaments. They held arrows and bows in their hands and wore large quivers at their waists.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| सुंदर | सुंदर | handsome |
| सब | सभी | all |
| भूषनधारी | आभूषण पहने हुए | wearing ornaments |
| कर | हाथों में | in their hands |
| सर | बाण | arrows |
| चाप | धनुष | bows |
| तून | तरकश | quivers |
| कटि | कमर पर | at their waists |
| भारी | बड़े; भारी | large; heavy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.298
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 282
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 281, 282
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।