बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब ब्रह्मा धरनिहि समुझावा। अभय भई भरोस जियँ आवा।।
मूल पाठ
तब ब्रह्मा धरनिहि समुझावा। अभय भई भरोस जियँ आवा।।
स्रोत अभिलेख 1.187 · पुस्तक पृ. 188, 189
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब ब्रह्माजीने पृथ्वीको समझाया। वह भी निर्भय हुई और उसके जीमें भरोसा (ढाढ़स) आ गया॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 188 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब ब्रह्मा धरनिहि समुझावा। अभय भई भरोस जियँ आवा।।
English explanation
Then Brahma reassured the earth. She became fearless, and confidence arose in her heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| ब्रह्मा | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| धरनिहि | पृथ्वी को | the earth |
| समुझावा | समझाकर आश्वस्त किया | explained and reassured |
| अभय | निर्भय | fearless |
| भई | हो गई | became |
| भरोस | भरोसा | confidence |
| जियँ | मन में | in her heart |
| आवा | आ गया | arose |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.187
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 188
- सहायक विषय
- भगवान्का वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 188, 189
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