बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं तुम्हरे हठ हृदयँ बिसेषी। रहि न जाइ बिनु किएँ बरेषी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयदि आपके हृदयमें बहुत ही हठ है और विवाहकी बातचीत (बरेखी) किये बिना आपसे रहा ही नहीं जाता, तो संसारमें वर-कन्या बहुत हैं। खिलवाड़ करनेवालोंको आलस्य तो होता नहीं [और कहीं जाकर कीजिये]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 96 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जौं तुम्हरे हठ हृदयँ बिसेषी। रहि न जाइ बिनु किएँ बरेषी।।
तौ कौतुकिअन्ह आलसु नाहीं। बर कन्या अनेक जग माहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.81 · पुस्तक पृ. 96, 96
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं तुम्हरे हठ हृदयँ बिसेषी। रहि न जाइ बिनु किएँ बरेषी।।
English explanation
If there is such strong insistence in your hearts that you cannot rest without arranging a marriage,
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| तुम्हरे | आपके | your |
| हठ | हठ; आग्रह | insistence |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| बिसेषी | विशेष; प्रबल | particularly strong |
| रहि | रहा | remain at rest |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| बिनु | बिना | without |
| किएँ | किए | having arranged |
| बरेषी | विवाह का संबंध | a marriage match |
2 तौ कौतुकिअन्ह आलसु नाहीं। बर कन्या अनेक जग माहीं।।
English explanation
Then those eager for such an undertaking need not be idle; there are many bridegrooms and maidens in the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| कौतुकिअन्ह | कौतुक के इच्छुक लोगों को | for those eager for such an undertaking |
| आलसु | आलस्य | idleness |
| नाहीं | नहीं | not |
| बर | वर | bridegrooms |
| कन्या | कन्याएँ | maidens |
| अनेक | अनेक | many |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.81
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 96
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 96, 96
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