बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जो बसिष्ठ कछु हृदयँ बिचारा। सकल काजु भा सिद्ध तुम्हारा।।
मूल पाठ
जो बसिष्ठ कछु हृदयँ बिचारा। सकल काजु भा सिद्ध तुम्हारा।।
यह हबि बाँटि देहु नृप जाई। जथा जोग जेहि भाग बनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.189 · पुस्तक पृ. 189, 190
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[और दशरथसे बोले—] वसिष्ठने हृदयमें जो कुछ विचारा था, तुम्हारा वह सब काम सिद्ध हो गया। हे राजन्! [अब] तुम जाकर इस हविष्यान्न (पायस) को, जिसको जैसा उचित हो, वैसा भाग बनाकर बाँट दो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 190 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जो बसिष्ठ कछु हृदयँ बिचारा। सकल काजु भा सिद्ध तुम्हारा।।
English explanation
The fire god said: “Whatever Vasishtha contemplated in his heart, that entire undertaking of yours has been accomplished.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | whatever |
| बसिष्ठ | वसिष्ठ ने | Vasishtha |
| कछु | कुछ | anything |
| हृदयँ | हृदय में | in his heart |
| बिचारा | सोचा, संकल्प किया | contemplated |
| सकल | सारा | entire |
| काजु | कार्य, प्रयोजन | undertaking |
| भा | हो गया | has become |
| सिद्ध | सफल, पूर्ण | accomplished |
| तुम्हारा | तुम्हारा | yours |
2 यह हबि बाँटि देहु नृप जाई। जथा जोग जेहि भाग बनाई।।
English explanation
O king, go and distribute this sacrificial food, allotting each recipient an appropriate share.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| हबि | हवि, यज्ञ का अन्न | sacrificial food |
| बाँटि | बाँटकर | dividing |
| देहु | दे दो | give |
| नृप | हे राजा | O king |
| जाई | जाकर | having gone |
| जथा | जैसा | as |
| जोग | उचित हो | appropriate |
| जेहि | जिसे, जिसके लिए | for each recipient |
| भाग | हिस्सा | share |
| बनाई | निर्धारित करके | allotting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.189
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 190
- सहायक विषय
- भगवान्का वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 189, 190
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।