बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जो बसिष्ठ अनुसासन दीन्ही। लोक बेद बिधि सादर कीन्ही।।
मूल पाठ
जो बसिष्ठ अनुसासन दीन्ही। लोक बेद बिधि सादर कीन्ही।।
भूसुर भीर देखि सब रानी। सादर उठीं भाग्य बड़ जानी।।
स्रोत अभिलेख 1.352 · पुस्तक पृ. 333, 333
भावार्थ
मूल पाठ के बादवसिष्ठजीने जो आज्ञा दी, उसे लोक और वेदकी विधिके अनुसार राजाने आदरपूर्वक किया। ब्राह्मणोंकी भीड़ देखकर अपना बड़ा भाग्य जानकर सब रानियाँ आदरके साथ उठीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 333 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जो बसिष्ठ अनुसासन दीन्ही। लोक बेद बिधि सादर कीन्ही।।
English explanation
The customary and Vedic rites were respectfully performed according to the instructions given by Vashishtha. (This is an AI-generated draft interpretation.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो निर्देश | whatever instructions |
| बसिष्ठ | गुरु वसिष्ठ ने | Vashishtha, the royal preceptor |
| अनुसासन | निर्देश | instructions |
| दीन्ही | दिए | gave |
| लोक | लोकाचार की | of customary practice |
| बेद | वेद की | of the Vedas |
| बिधि | विधियाँ | rites |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| कीन्ही | संपन्न कीं | performed |
2 भूसुर भीर देखि सब रानी। सादर उठीं भाग्य बड़ जानी।।
English explanation
Seeing the gathering of Brahmins, all the queens rose respectfully, considering themselves greatly fortunate.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूसुर | ब्राह्मणों की | of the Brahmins |
| भीर | भीड़; समूह | gathering |
| देखि | देखकर | seeing |
| सब | सभी | all |
| रानी | रानियाँ | queens |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| उठीं | उठीं | rose |
| भाग्य | अपना सौभाग्य | their good fortune |
| बड़ | बड़ा | great |
| जानी | समझकर | considering |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.352
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 333
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 333, 333
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।