बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जो गुन रहित सगुन सोइ कैसें। जलु हिम उपल बिलग नहिं जैसें।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो निर्गुण है, वही सगुण कैसे है? जैसे जल और ओलेमें भेद नहीं। (दोनों जल ही हैं, ऐसे ही निर्गुण और सगुण एक ही हैं।) जिसका नाम भ्रमरूपी अन्धकारके मिटानेके लिये सूर्य है, उसके लिये मोहका प्रसंग भी कैसे कहा जा सकता है?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 128 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जो गुन रहित सगुन सोइ कैसें। जलु हिम उपल बिलग नहिं जैसें।।
जासु नाम भ्रम तिमिर पतंगा। तेहि किमि कहिअ बिमोह प्रसंगा।।
स्रोत अभिलेख 1.116 · पुस्तक पृ. 128, 129
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जो गुन रहित सगुन सोइ कैसें। जलु हिम उपल बिलग नहिं जैसें।।
English explanation
How does the one without attributes become endowed with attributes? Just as water and hailstones of ice are not different in substance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | the one who |
| गुन | गुणों से | of attributes |
| रहित | रहित | devoid |
| सगुन | गुणयुक्त | endowed with attributes |
| सोइ | वही | that very one |
| कैसें | कैसे | how |
| जलु | जल | water |
| हिम | बर्फ के | of ice |
| उपल | ओले | hailstones |
| बिलग | अलग | different |
| नहिं | नहीं | not |
| जैसें | जैसे | just as |
2 जासु नाम भ्रम तिमिर पतंगा। तेहि किमि कहिअ बिमोह प्रसंगा।।
English explanation
How can deep delusion be attributed to the one whose name is the sun that dispels the darkness of error?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जासु | जिसका | whose |
| नाम | नाम | name |
| भ्रम | भ्रम का | of error |
| तिमिर | अंधकार | darkness |
| पतंगा | सूर्य | sun |
| तेहि | उसके विषय में | of that one |
| किमि | कैसे | how |
| कहिअ | कहा जाए | can it be said |
| बिमोह | गहरा मोह | deep delusion |
| प्रसंगा | प्रसंग; बात | an occurrence; an account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.116
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 128
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 128, 129
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।