बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे मृग राम बान के मारे। ते तनु तजि सुरलोक सिधारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो मृग श्रीरामजीके बाणसे मारे जाते थे, वे शरीर छोड़कर देवलोकको चले जाते थे। श्रीरामचन्द्रजी अपने छोटे भाइयों और सखाओंके साथ भोजन करते हैं और माता-पिताकी आज्ञाका पालन करते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 204 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जे मृग राम बान के मारे। ते तनु तजि सुरलोक सिधारे।।
अनुज सखा सँग भोजन करहीं। मातु पिता अग्या अनुसरहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.205 · पुस्तक पृ. 203, 204
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जे मृग राम बान के मारे। ते तनु तजि सुरलोक सिधारे।।
English explanation
The deer killed by Rama's arrows left their bodies and departed for the realm of the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | those which |
| मृग | मृग | deer |
| राम | राम के | Rama's |
| बान | बाण | arrows |
| के | से | by |
| मारे | मारे गए | were killed |
| ते | वे | they |
| तनु | शरीर | their bodies |
| तजि | छोड़कर | having left |
| सुरलोक | देवताओं के लोक को | to the realm of the gods |
| सिधारे | चले गए | departed |
2 अनुज सखा सँग भोजन करहीं। मातु पिता अग्या अनुसरहीं।।
English explanation
Rama eats with his younger brothers and friends and follows his parents' commands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुज | छोटे भाइयों के | younger brothers |
| सखा | मित्रों के | friends |
| सँग | साथ | with |
| भोजन | भोजन | a meal |
| करहीं | करते हैं | takes |
| मातु | माता की | mother's |
| पिता | पिता की | father's |
| अग्या | आज्ञा | commands |
| अनुसरहीं | का पालन करते हैं | follows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.205
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 204
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 203, 204
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।