बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे जे बर के दोष बखाने। ते सब सिव पहि मैं अनुमाने।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपरन्तु मैंने वरके जो-जो दोष बतलाये हैं, मेरे अनुमानसे वे सभी शिवजीमें हैं। यदि शिवजीके साथ विवाह हो जाय तो दोषोंको भी सब लोग गुणोंके समान ही कहेंगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 87 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जे जे बर के दोष बखाने। ते सब सिव पहि मैं अनुमाने।।
जौं बिबाहु संकर सन होई। दोषउ गुन सम कह सबु कोई।।
स्रोत अभिलेख 1.69 · पुस्तक पृ. 87, 87
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जे जे बर के दोष बखाने। ते सब सिव पहि मैं अनुमाने।।
English explanation
All the faults I described in the prospective husband, I have discerned in Shiva.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | which |
| जे | जो भी | each and every |
| बर | वर | prospective husband |
| के | के | of |
| दोष | दोष | faults |
| बखाने | बताए | described |
| ते | वे | those |
| सब | सभी | all |
| सिव | शिव | Shiva |
| पहि | में | in |
| मैं | मैंने | I |
| अनुमाने | पहचाने; अनुमान किए | discerned; inferred |
2 जौं बिबाहु संकर सन होई। दोषउ गुन सम कह सबु कोई।।
English explanation
If Uma marries Shankara, everyone will regard even those faults as virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| बिबाहु | विवाह | marriage |
| संकर | शंकर; शिव | Shankara, Shiva |
| सन | से; के साथ | with |
| होई | हो | takes place |
| दोषउ | दोष भी | even faults |
| गुन | गुण | virtues |
| सम | के समान | equivalent to |
| कह | कहेंगे | will call |
| सबु | सब | every |
| कोई | व्यक्ति | person |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.69
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 87
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 87, 87
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।