बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे गावहिं यह चरित सँभारे। तेइ एहि ताल चतुर रखवारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो लोग इस चरित्रको सावधानीसे गाते हैं, वे ही इस तालाबके चतुर रखवाले हैं और जो स्त्री-पुरुष सदा आदरपूर्वक इसे सुनते हैं, वे ही इस सुन्दर मानसके अधिकारी उत्तम देवता हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 61 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जे गावहिं यह चरित सँभारे। तेइ एहि ताल चतुर रखवारे।।
सदा सुनहिं सादर नर नारी। तेइ सुरबर मानस अधिकारी।।
स्रोत अभिलेख 1.38 · पुस्तक पृ. 61, 61
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जे गावहिं यह चरित सँभारे। तेइ एहि ताल चतुर रखवारे।।
English explanation
Those who sing this narrative with care are the discerning guardians of this lake.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो लोग | those who |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| यह | इस | this |
| चरित | चरित्र-कथा को | narrative of deeds |
| सँभारे | सँभालकर, सावधानी से | carefully, with attentive recollection |
| तेइ | वे ही | those very people |
| एहि | इस | of this |
| ताल | सरोवर के | lake |
| चतुर | चतुर, विवेकशील | discerning |
| रखवारे | रखवाले | guardians |
2 सदा सुनहिं सादर नर नारी। तेइ सुरबर मानस अधिकारी।।
English explanation
The men and women who always listen respectfully are the noble, godlike people entitled to enter this Manas lake.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सदा | सदा | always |
| सुनहिं | सुनते हैं | listen |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| तेइ | वे ही | those very people |
| सुरबर | श्रेष्ठ देवतुल्य जन | excellent, godlike people |
| मानस | मानस-सरोवर के | of the Manas lake |
| अधिकारी | पात्र, अधिकारी | qualified participants |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 61
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 61
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