बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जेहिं तेरहुति तेहि समय निहारी। तेहि लघु लगहिं भुवन दस चारी।।
मूल पाठ
जेहिं तेरहुति तेहि समय निहारी। तेहि लघु लगहिं भुवन दस चारी।।
जो संपदा नीच गृह सोहा। सो बिलोकि सुरनायक मोहा।।
स्रोत अभिलेख 1.289 · पुस्तक पृ. 274, 275
भावार्थ
मूल पाठ के बादउस समय जिसने तिरहुतको देखा, उसे चौदह भुवन तुच्छ जान पड़े। जनकपुरमें नीचके घर भी उस समय जो सम्पदा सुशोभित थी, उसे देखकर इन्द्र भी मोहित हो जाता था॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 275 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जेहिं तेरहुति तेहि समय निहारी। तेहि लघु लगहिं भुवन दस चारी।।
English explanation
To anyone who saw Tirhut at that time, all fourteen worlds seem insignificant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहिं | जिसने | whoever |
| तेरहुति | तिरहुत; मिथिला का प्रदेश | Tirhut, the region of Mithila |
| तेहि | उस | that |
| समय | समय | time |
| निहारी | देखा | saw |
| तेहि | उसे | to that person |
| लघु | छोटे; तुच्छ | small; insignificant |
| लगहिं | लगते हैं | seem |
| भुवन | लोक | worlds |
| दस | दस | ten |
| चारी | चार | four |
2 जो संपदा नीच गृह सोहा। सो बिलोकि सुरनायक मोहा।।
English explanation
Even the wealth adorning a humble household captivated Indra, king of the gods, when he saw it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | the wealth which |
| संपदा | धन-संपत्ति; ऐश्वर्य | wealth; opulence |
| नीच | निम्न स्थिति वाले; साधारण | humble; of low standing |
| गृह | घर में | in a household |
| सोहा | शोभित था | shone splendidly |
| सो | उसे | that |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| सुरनायक | देवताओं के राजा इंद्र | Indra, king of the gods |
| मोहा | मोहित हो गए | was captivated |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.289
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 275
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 274, 275
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।