बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जासु बिलोकि अलोकिक सोभा। सहज पुनीत मोर मनु छोभा।।
मूल पाठ
जासु बिलोकि अलोकिक सोभा। सहज पुनीत मोर मनु छोभा।।
सो सबु कारन जान बिधाता। फरकहिं सुभद अंग सुनु भ्राता।।
स्रोत अभिलेख 1.231 · पुस्तक पृ. 226, 227
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिसकी अलौकिक सुन्दरता देखकर स्वभावसे ही पवित्र मेरा मन क्षुब्ध हो गया है। वह सब कारण (अथवा उसका सब कारण) तो विधाता जानें। किन्तु हे भाई! सुनो, मेरे मङ्गलदायक (दाहिने) अंग फड़क रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 226 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जासु बिलोकि अलोकिक सोभा। सहज पुनीत मोर मनु छोभा।।
English explanation
Seeing her extraordinary beauty has stirred even my naturally pure heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जासु | जिनकी | whose |
| बिलोकि | देखकर | having seen |
| अलोकिक | अलौकिक | extraordinary |
| सोभा | शोभा | beauty |
| सहज | स्वभावतः | naturally |
| पुनीत | पवित्र | pure |
| मोर | मेरा | my |
| मनु | मन | heart |
| छोभा | विचलित हो गया | was stirred |
2 सो सबु कारन जान बिधाता। फरकहिं सुभद अंग सुनु भ्राता।।
English explanation
The Creator knows the reason for all this. Listen, brother: parts of my body are twitching as auspicious signs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | उस | that |
| सबु | सबका | of all |
| कारन | कारण | reason |
| जान | जानते हैं | knows |
| बिधाता | विधाता, सृष्टिकर्ता | the Creator |
| फरकहिं | फड़क रहे हैं | are twitching |
| सुभद | शुभ संकेत देने वाले | auspicious |
| अंग | अंग | body parts |
| सुनु | सुनो | listen |
| भ्राता | हे भाई | brother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.231
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 226
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 226, 227
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।