बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाना चहहिं गूढ़ गति जेऊ। नाम जीहँ जपि जानहिं तेऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो परमात्माके गूढ़ रहस्यको (यथार्थ महिमाको) जानना चाहते हैं, वे (जिज्ञासु) भी नामको जीभसे जपकर उसे जान लेते हैं। [लौकिक सिद्धियोंके चाहनेवाले अर्थार्थी] साधक लौ लगाकर नामका जप करते हैं और अणिमादि [आठों] सिद्धियोंको पाकर सिद्ध हो जाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 44 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जाना चहहिं गूढ़ गति जेऊ। नाम जीहँ जपि जानहिं तेऊ।।
साधक नाम जपहिं लय लाएँ। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएँ।।
स्रोत अभिलेख 1.22 · पुस्तक पृ. 43, 44
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जाना चहहिं गूढ़ गति जेऊ। नाम जीहँ जपि जानहिं तेऊ।।
English explanation
Those who wish to know that profound state also come to know it by repeating Rama’s name with their tongues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाना | जानना | to know |
| चहहिं | चाहते हैं | wish |
| गूढ़ | गहन और रहस्यमय | profound and mysterious |
| गति | परम अवस्था या स्वरूप | ultimate state or nature |
| जेऊ | जो भी | whoever |
| नाम | राम का नाम | Rama’s name |
| जीहँ | जीभ से | with the tongue |
| जपि | जपकर | having repeated |
| जानहिं | जान लेते हैं | come to know |
| तेऊ | वे भी | they too |
2 साधक नाम जपहिं लय लाएँ। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएँ।।
English explanation
Spiritual practitioners repeat the name with absorbed attention and become accomplished, attaining powers such as becoming minute.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साधक | आध्यात्मिक साधना करने वाले | spiritual practitioners |
| नाम | राम का नाम | Rama’s name |
| जपहिं | जपते हैं | repeat |
| लय | तन्मयता | absorbed attention |
| लाएँ | लगाकर | having applied |
| होहिं | हो जाते हैं | become |
| सिद्ध | सिद्धि-संपन्न | spiritually accomplished |
| अनिमादिक | अणिमा आदि सिद्धियाँ | powers such as becoming minute |
| पाएँ | प्राप्त करके | having attained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 44
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 43, 44
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।