बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाचक जन जाचहि जोइ जोई। प्रमुदित राउ देहिं सोइ सोई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयाचक लोग जो-जो माँगते हैं, विशेष प्रसन्न होकर राजा उन्हें वही-वही देते हैं। सम्पूर्ण सेवकों और बाजेवालोंको राजाने नाना प्रकारके दान और सम्मानसे सन्तुष्ट किया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 332 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जाचक जन जाचहि जोइ जोई। प्रमुदित राउ देहिं सोइ सोई।।
सेवक सकल बजनिआ नाना। पूरन किए दान सनमाना।।
स्रोत अभिलेख 1.351 · पुस्तक पृ. 332, 333
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जाचक जन जाचहि जोइ जोई। प्रमुदित राउ देहिं सोइ सोई।।
English explanation
Whatever the petitioners ask for, the delighted king gives them exactly that.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाचक | माँगने वाले | petitioning |
| जन | लोग | people |
| जाचहि | माँगते हैं | ask for |
| जोइ | जो | whatever |
| जोई | जो भी | each thing that |
| प्रमुदित | अत्यंत प्रसन्न | delighted |
| राउ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| देहिं | देते हैं | gives |
| सोइ | वही | that very thing |
| सोई | वही-वही | each corresponding thing |
2 सेवक सकल बजनिआ नाना। पूरन किए दान सनमाना।।
English explanation
All the servants and the various musicians were fully satisfied with gifts and honors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सेवक | सेवक | servants |
| सकल | सभी | all |
| बजनिआ | बाजा बजाने वाले | musicians |
| नाना | विभिन्न प्रकार के | of various kinds |
| पूरन | पूरी तरह संतुष्ट | fully satisfied |
| किए | किए | made |
| दान | दान देकर | with gifts |
| सनमाना | सम्मान देकर | with honors |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.351
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 332
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 332, 333
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।