बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जागबलिक जो कथा सुहाई। भरद्वाज मुनिबरहि सुनाई।।
मूल पाठ
जागबलिक जो कथा सुहाई। भरद्वाज मुनिबरहि सुनाई।।
कहिहउँ सोइ संबाद बखानी। सुनहुँ सकल सज्जन सुखु मानी।।
स्रोत अभिलेख 1.3 · पुस्तक पृ. 52, 52
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनि याज्ञवल्क्यजीने जो सुहावनी कथा मुनिश्रेष्ठ भरद्वाजजीको सुनायी थी, उसी संवादको मैं बखानकर कहूँगा; सब सज्जन सुखका अनुभव करते हुए उसे सुनें॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 52 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जागबलिक जो कथा सुहाई। भरद्वाज मुनिबरहि सुनाई।।
English explanation
The beautiful story that Yajnavalkya told Bharadvaja, the foremost sage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जागबलिक | ऋषि याज्ञवल्क्य ने | sage Yajnavalkya |
| जो | जो | which |
| कथा | कथा | story |
| सुहाई | सुंदर, मनभावनी | beautiful, pleasing |
| भरद्वाज | ऋषि भरद्वाज | sage Bharadvaja |
| मुनिबरहि | मुनिश्रेष्ठ को | to the foremost sage |
| सुनाई | सुनाई | told |
2 कहिहउँ सोइ संबाद बखानी। सुनहुँ सकल सज्जन सुखु मानी।।
English explanation
I shall recount that very dialogue in detail; let all good people listen with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहिहउँ | मैं कहूँगा | I shall tell |
| सोइ | उसी | that very |
| संबाद | संवाद को | dialogue |
| बखानी | विस्तार से वर्णन करके | recounting in detail |
| सुनहुँ | सुनिए | listen |
| सकल | सभी | all |
| सज्जन | सज्जन लोग | good people |
| सुखु | आनंद | joy |
| मानी | अनुभव करते हुए | taking delight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 52
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 52, 52
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।