बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संभु कीन्ह यह चरित सुहावा। बहुरि कृपा करि उमहि सुनावा।।
मूल पाठ
संभु कीन्ह यह चरित सुहावा। बहुरि कृपा करि उमहि सुनावा।।
सोइ सिव कागभुसुंडिहि दीन्हा। राम भगत अधिकारी चीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.3 · पुस्तक पृ. 52, 52
भावार्थ
मूल पाठ के बादशिवजीने पहले इस सुहावने चरित्रको रचा, फिर कृपा करके पार्वतीजीको सुनाया। वही चरित्र शिवजीने काकभुशुण्डिजीको रामभक्त और अधिकारी पहचानकर दिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 52 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संभु कीन्ह यह चरित सुहावा। बहुरि कृपा करि उमहि सुनावा।।
English explanation
Shiva composed this beautiful account, then graciously told it to Uma.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संभु | शंभु, शिव ने | Shiva |
| कीन्ह | रचा | composed |
| यह | यह | this |
| चरित | चरित, कथा | account of deeds |
| सुहावा | सुंदर, मनोहर | beautiful |
| बहुरि | फिर | then |
| कृपा | कृपा | grace |
| करि | करके | showing |
| उमहि | उमा, पार्वती को | to Uma, Parvati |
| सुनावा | सुनाया | told |
2 सोइ सिव कागभुसुंडिहि दीन्हा। राम भगत अधिकारी चीन्हा।।
English explanation
Shiva imparted that same account to Kakabhushundi, recognizing him as a devotee of Rama qualified to receive it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही कथा | that same account |
| सिव | शिव ने | Shiva |
| कागभुसुंडिहि | कागभुसुंडि को | to Kakabhushundi, the crow-sage |
| दीन्हा | दी, प्रदान की | imparted |
| राम | राम के | of Rama |
| भगत | भक्त | devotee |
| अधिकारी | योग्य पात्र | qualified recipient |
| चीन्हा | पहचाना, जाना | recognized |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 52
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 52, 52
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