बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाकी सहज स्वास श्रुति चारी। सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।।
मूल पाठ
जाकी सहज स्वास श्रुति चारी। सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।।
बिद्या बिनय निपुन गुन सीला। खेलहिं खेल सकल नृपलीला।।
स्रोत अभिलेख 1.204 · पुस्तक पृ. 203, 203
भावार्थ
मूल पाठ के बादचारों वेद जिनके स्वाभाविक श्वास हैं, वे भगवान् पढ़ें, यह बड़ा कौतुक (अचरज) है। चारों भाई विद्या, विनय, गुण और शीलमें [बड़े] निपुण हैं और सब राजाओंकी लीलाओंके ही खेल खेलते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 203 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जाकी सहज स्वास श्रुति चारी। सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।।
English explanation
That very Hari, whose natural breath is the four Vedas, studies—what a wondrous spectacle!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाकी | जिनकी | whose |
| सहज | स्वाभाविक | natural |
| स्वास | श्वास | breath |
| श्रुति | वेद | Vedas |
| चारी | चारों | all four |
| सो | वही | that very one |
| हरि | हरि, यहाँ राम | Hari, here Rama |
| पढ़ | पढ़ते हैं | studies |
| यह | यह | this |
| कौतुक | अद्भुत कौतुक | wondrous spectacle |
| भारी | बड़ा, अत्यंत | great |
2 बिद्या बिनय निपुन गुन सीला। खेलहिं खेल सकल नृपलीला।।
English explanation
Accomplished in learning and humility, virtuous and well-mannered, the brothers play games enacting all the pursuits of kings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिद्या | विद्या में | in learning |
| बिनय | विनय, नम्रता में | in humility |
| निपुन | निपुण | accomplished |
| गुन | सद्गुणों से युक्त | possessed of virtues |
| सीला | सुशील, अच्छे आचरण वाले | of good character |
| खेलहिं | खेलते हैं | they play |
| खेल | खेल | games |
| सकल | सभी | all |
| नृपलीला | राजाओं की लीलाएँ और क्रियाएँ | royal pursuits and activities |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.204
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 203
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 203, 203
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।