बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाइ मुनिन्ह हिमवंतु पठाए। करि बिनती गिरजहिं गृह ल्याए।।
मूल पाठ
जाइ मुनिन्ह हिमवंतु पठाए। करि बिनती गिरजहिं गृह ल्याए।।
बहुरि सप्तरिषि सिव पहिं जाई। कथा उमा कै सकल सुनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.82 · पुस्तक पृ. 97, 97
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनियोंने जाकर हिमवान्को पार्वतीजीके पास भेजा और वे विनती करके उनको घर ले आये; फिर सप्तॢषयोंने शिवजीके पास जाकर उनको पार्वतीजीकी सारी कथा सुनायी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 97 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जाइ मुनिन्ह हिमवंतु पठाए। करि बिनती गिरजहिं गृह ल्याए।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: The sages went and sent for Himavan. After making a request, he brought Parvati home.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | जाकर | having gone |
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| हिमवंतु | हिमवान को; पार्वती के पिता | Himavan, Parvati’s father |
| पठाए | बुलवा भेजा | sent for |
| करि | करके | having made |
| बिनती | विनती | a request |
| गिरजहिं | पार्वती को | Parvati, daughter of the mountain |
| गृह | घर | home |
| ल्याए | ले आए | brought |
2 बहुरि सप्तरिषि सिव पहिं जाई। कथा उमा कै सकल सुनाई।।
English explanation
Then the seven sages went to Shiva and related the whole account of Uma.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then |
| सप्तरिषि | सात ऋषि | the seven sages |
| सिव | शिव | Shiva |
| पहिं | के पास | to; near |
| जाई | जाकर | having gone |
| कथा | कथा; वृत्तांत | account; story |
| उमा | उमा; पार्वती | Uma, another name of Parvati |
| कै | की | of |
| सकल | सारी | the whole |
| सुनाई | सुनाई | related |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 97
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 97
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।