बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जसि बिबाह कै बिधि श्रुति गाई। महामुनिन्ह सो सब करवाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवेदोंमें विवाहकी जैसी रीति कही गयी है, महामुनियोंने वह सभी रीति करवायी। पर्वतराज हिमाचलने हाथमें कुश लेकर तथा कन्याका हाथ पकड़कर उन्हें भवानी (शिवपत्नी) जानकर शिवजीको समर्पण किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 115 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जसि बिबाह कै बिधि श्रुति गाई। महामुनिन्ह सो सब करवाई।।
गहि गिरीस कुस कन्या पानी। भवहि समरपीं जानि भवानी।।
स्रोत अभिलेख 1.101 · पुस्तक पृ. 115, 115
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जसि बिबाह कै बिधि श्रुति गाई। महामुनिन्ह सो सब करवाई।।
English explanation
The great sages had all the wedding rites performed as prescribed by the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जसि | जैसी | as |
| बिबाह | विवाह | marriage |
| कै | की | of |
| बिधि | विधि; अनुष्ठान की रीति | ritual procedure |
| श्रुति | वेदों ने | the Vedas |
| गाई | बताई; वर्णित की | set forth |
| महामुनिन्ह | महान मुनियों ने | the great sages |
| सो | वह | that |
| सब | सारी | all |
| करवाई | संपन्न करवाई | had performed |
2 गहि गिरीस कुस कन्या पानी। भवहि समरपीं जानि भवानी।।
English explanation
Himalaya, lord of mountains, took the sacred grass and his daughter's hand and offered her to Shiva, recognizing her as Bhavani.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | ग्रहण करके; पकड़कर | taking; holding |
| गिरीस | पर्वतराज हिमालय ने | Himalaya, lord of mountains |
| कुस | कुश घास | sacred kusha grass |
| कन्या | कन्या का | the daughter's |
| पानी | हाथ | hand |
| भवहि | शिव को | to Shiva |
| समरपीं | समर्पित किया | offered her |
| जानि | जानकर; पहचानकर | recognizing as |
| भवानी | भवानी; देवी पार्वती | Bhavani, the goddess Parvati |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.101
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 115
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 115, 115
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