बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे श्रेष्ठ पर्वतोंके राजा हिमाचलकी पुत्री पार्वती! आपकी जय हो, जय हो; हे महादेवजीके मुखरूपी चन्द्रमाकी [ओर टकटकी लगाकर देखनेवाली] चकोरी! आपकी जय हो; हे हाथीके मुखवाले गणेशजी और छ: मुखवाले स्वामिकाॢतकजीकी माता! हे जगज्जननी! हे बिजलीकी-सी कान्तियुक्त शरीरवाली! आपकी जय हो!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 230 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी।।
जय गज बदन षड़ानन माता। जगत जननि दामिनि दुति गाता।।
स्रोत अभिलेख 1.235 · पुस्तक पृ. 229, 230
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी।।
English explanation
Hail, hail, daughter of Himalaya, king of mountains! Hail, you who are the chakori bird to the moon of Shiva’s face!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | hail |
| जय | जय हो | hail |
| गिरिबरराज | पर्वतराज हिमालय की | of Himalaya, king of mountains |
| किसोरी | पुत्री | daughter |
| जय | जय हो | hail |
| महेस | महेश अर्थात शिव के | of Shiva, the great lord |
| मुख | मुखरूपी | whose face is likened to |
| चंद | चंद्रमा की | the moon |
| चकोरी | चकोरी पक्षी | female chakor bird |
2 जय गज बदन षड़ानन माता। जगत जननि दामिनि दुति गाता।।
English explanation
Hail, mother of elephant-faced Ganesha and six-faced Kartikeya! Mother of the world, your body shines like lightning.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | hail |
| गज | हाथी का | an elephant’s |
| बदन | मुख वाले गणेश | face—describing Ganesha |
| षड़ानन | छह मुख वाले कार्तिकेय | six-faced Kartikeya |
| माता | की माता | mother of |
| जगत | संसार की | of the world |
| जननि | माता | mother |
| दामिनि | बिजली जैसी | lightning-like |
| दुति | चमक वाला | having radiance |
| गाता | शरीर | body |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.235
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 230
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका पार्वती-पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 229, 230
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।