बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जग भल कहहि भाव सब काहू। हठ कीन्हे अंतहुँ उर दाहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसंसार उन्हें भला कहेगा, क्योंकि यह बात सब किसीको अच्छी लगती है। हठ करनेसे अन्तमें भी हृदय जलेगा। सब लोग इसी लालसामें मग्न हो रहे हैं कि जानकीजीके योग्य वर तो यह साँवला ही है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 243 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जग भल कहहि भाव सब काहू। हठ कीन्हे अंतहुँ उर दाहू।।
एहिं लालसाँ मगन सब लोगू। बरु साँवरो जानकी जोगू।।
स्रोत अभिलेख 1.249 · पुस्तक पृ. 242, 243
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जग भल कहहि भाव सब काहू। हठ कीन्हे अंतहुँ उर दाहू।।
English explanation
The world will call this good, and everyone will welcome it; persisting in obstinacy will only leave anguish in the heart in the end.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जग | संसार | the world |
| भल | अच्छा | good |
| कहहि | कहेंगे | will say |
| भाव | भाएगा; पसंद आएगा | will please |
| सब | सब | all |
| काहू | को | to everyone |
| हठ | हठ | obstinacy |
| कीन्हे | करने पर | if persisted in |
| अंतहुँ | अंत में भी | even in the end |
| उर | हृदय में | in the heart |
| दाहू | जलन; संताप | burning anguish |
2 एहिं लालसाँ मगन सब लोगू। बरु साँवरो जानकी जोगू।।
English explanation
Everyone is absorbed in this longing: the dark-complexioned Rama is a bridegroom worthy of Janaki.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहिं | इसी | this very |
| लालसाँ | लालसा में | in longing |
| मगन | मग्न | absorbed |
| सब | सभी | all |
| लोगू | लोग | people |
| बरु | वर; दूल्हा | bridegroom |
| साँवरो | साँवले राम | dark-complexioned Rama |
| जानकी | जानकी, जनक की पुत्री सीता के | for Janaki, Sita the daughter of Janaka |
| जोगू | योग्य | worthy; suitable |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.249
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 243
- सहायक विषय
- श्रीसीताजीका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 242, 243
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।