बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जगु बिरंचि उपजावा जब तें। देखे सुने ब्याह बहु तब तें।।
मूल पाठ
जगु बिरंचि उपजावा जब तें। देखे सुने ब्याह बहु तब तें।।
सकल भाँति सम साजु समाजू। सम समधी देखे हम आजू।।
स्रोत अभिलेख 1.32 · पुस्तक पृ. 301, 301
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[वे कहने लगे—] जबसे ब्रह्माजीने जगत्को उत्पन्न किया, तबसे हमने बहुत विवाह देखे-सुने; परन्तु सब प्रकारसे समान साज-समाज और बराबरीके (पूर्ण समतायुक्त) समधी तो आज ही देखे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 301 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जगु बिरंचि उपजावा जब तें। देखे सुने ब्याह बहु तब तें।।
English explanation
The gods say: Ever since Brahma created the world, we have seen and heard of many weddings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगु | जगत | the world |
| बिरंचि | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator |
| उपजावा | उत्पन्न किया | created |
| जब | जब | when |
| तें | से | since |
| देखे | देखे हैं | have seen |
| सुने | सुने हैं | have heard of |
| ब्याह | विवाह | weddings |
| बहु | अनेक | many |
| तब | तब | then |
| तें | से | since |
2 सकल भाँति सम साजु समाजू। सम समधी देखे हम आजू।।
English explanation
But today we have seen wedding arrangements and assembled companies matched in every respect, and fathers of the bride and groom equal in standing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | in respect |
| सम | बराबर | equally matched |
| साजु | सज्जा और तैयारी | adornments and arrangements |
| समाजू | एकत्र मंडली | assembled company |
| सम | समान स्तर के | equal in standing |
| समधी | वर और वधू के पिता | the fathers of the bride and groom |
| देखे | देखे हैं | have seen |
| हम | हमने | we |
| आजू | आज | today |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 301
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 301, 301
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।