बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जगत प्रकास्य प्रकासक रामू। मायाधीस ग्यान गुन धामू।।
मूल पाठ
जगत प्रकास्य प्रकासक रामू। मायाधीस ग्यान गुन धामू।।
जासु सत्यता तें जड माया। भास सत्य इव मोह सहाया।।
स्रोत अभिलेख 1.117 · पुस्तक पृ. 129, 130
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह जगत् प्रकाश्य है और श्रीरामचन्द्रजी इसके प्रकाशक हैं। वे मायाके स्वामी और ज्ञान तथा गुणोंके धाम हैं। जिनकी सत्तासे, मोहकी सहायता पाकर जड़ माया भी सत्य-सी भासित होती है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 129 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जगत प्रकास्य प्रकासक रामू। मायाधीस ग्यान गुन धामू।।
English explanation
The world is what is illuminated, and Rama is its illuminator; he is the master of maya and the abode of knowledge and virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगत | संसार | the world |
| प्रकास्य | प्रकाशित होने वाला | that which is illuminated |
| प्रकासक | प्रकाशित करने वाले | the illuminator |
| रामू | प्रभु राम | Lord Rama |
| मायाधीस | माया के स्वामी | master of maya |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| गुन | सद्गुण | virtues |
| धामू | निवास या भंडार | abode or repository |
2 जासु सत्यता तें जड माया। भास सत्य इव मोह सहाया।।
English explanation
Through whose reality, insentient maya appears as though real, aided by delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जासु | जिनकी, अर्थात् राम की | whose, namely Rama's |
| सत्यता | सत्य सत्ता | reality |
| तें | के कारण | because of |
| जड | अचेतन | insentient |
| माया | माया, भ्रमकारी शक्ति | maya, the power of illusion |
| भास | प्रतीत होती है | appears |
| सत्य | सत्य | real |
| इव | जैसी | as though |
| मोह | मोह की | of delusion |
| सहाया | सहायता से | with the aid |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.117
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 129
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 129, 130
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।