बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छाड़े बिषम बिसिख उर लागे। छुटि समाधि संभु तब जागे।।
मूल पाठ
छाड़े बिषम बिसिख उर लागे। छुटि समाधि संभु तब जागे।।
भयउ ईस मन छोभु बिसेषी। नयन उघारि सकल दिसि देखी।।
स्रोत अभिलेख 1.87 · पुस्तक पृ. 101, 102
भावार्थ
मूल पाठ के बादकामदेवने तीक्ष्ण पाँच बाण छोड़े, जो शिवजीके हृदयमें लगे। तब उनकी समाधि टूट गयी और वे जाग गये। ईश्वर (शिवजी) के मनमें बहुत क्षोभ हुआ। उन्होंने आँखें खोलकर सब ओर देखा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 102 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 छाड़े बिषम बिसिख उर लागे। छुटि समाधि संभु तब जागे।।
English explanation
Kama released piercing arrows that struck Shiva's heart. His meditative absorption broke, and Shiva then awoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छाड़े | छोड़े | released |
| बिषम | तीखे, पीड़ादायक | piercing, afflicting |
| बिसिख | बाण | arrows |
| उर | हृदय में | in the heart |
| लागे | लगे | struck |
| छुटि | टूट गई | was broken |
| समाधि | ध्यान की पूर्ण तल्लीनता | meditative absorption |
| संभु | शिव | Shiva |
| तब | तब | then |
| जागे | जागे | awoke |
2 भयउ ईस मन छोभु बिसेषी। नयन उघारि सकल दिसि देखी।।
English explanation
Great agitation arose in Shiva's mind. Opening his eyes, he looked in every direction.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयउ | हुआ | arose |
| ईस | भगवान शिव के | of Lord Shiva |
| मन | मन में | in the mind |
| छोभु | क्षोभ, उद्वेग | agitation |
| बिसेषी | बहुत अधिक | intense |
| नयन | आँखें | eyes |
| उघारि | खोलकर | having opened |
| सकल | सभी | all |
| दिसि | दिशाएँ | directions |
| देखी | देखीं | looked toward |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 102
- सहायक विषय
- कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना · रतिको वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 101, 102
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।