बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चूड़ाकरन कीन्ह गुरु जाई। बिप्रन्ह पुनि दछिना बहु पाई।।
मूल पाठ
चूड़ाकरन कीन्ह गुरु जाई। बिप्रन्ह पुनि दछिना बहु पाई।।
परम मनोहर चरित अपारा। करत फिरत चारिउ सुकुमारा।।
स्रोत अभिलेख 1.203 · पुस्तक पृ. 202, 202
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब गुरुजीने जाकर चूड़ाकर्म-संस्कार किया। ब्राह्मणोंने फिर बहुत-सी दक्षिणा पायी। चारों सुन्दर राजकुमार बड़े ही मनोहर अपार चरित्र करते फिरते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 202 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चूड़ाकरन कीन्ह गुरु जाई। बिप्रन्ह पुनि दछिना बहु पाई।।
English explanation
The preceptor went there and performed the first hair-cutting rite; the Brahmins then received generous ritual gifts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चूड़ाकरन | चूड़ाकरण, पहला मुंडन संस्कार | the first ceremonial hair-cutting rite |
| कीन्ह | किया | performed |
| गुरु | कुलगुरु | the family preceptor |
| जाई | जाकर | having gone there |
| बिप्रन्ह | ब्राह्मणों ने | the Brahmins |
| पुनि | फिर | then |
| दछिना | अनुष्ठान की दक्षिणा | ritual gifts |
| बहु | बहुत | abundant |
| पाई | प्राप्त की | received |
2 परम मनोहर चरित अपारा। करत फिरत चारिउ सुकुमारा।।
English explanation
All four tender young boys went about performing countless, utterly charming deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| मनोहर | मन को मोहने वाले | charming |
| चरित | लीलाएँ | deeds and pastimes |
| अपारा | अनगिनत | countless |
| करत | करते हुए | performing |
| फिरत | घूमते रहते थे | went about |
| चारिउ | चारों | all four |
| सुकुमारा | कोमल बालक | tender young boys |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.203
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 202
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 202, 202
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