बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चितव जो लोचन अंगुलि लाएँ। प्रगट जुगल ससि तेहि के भाएँ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजो मनुष्य आँखमें उँगली लगाकर देखता है, उसके लिये तो दो चन्द्रमा प्रकट (प्रत्यक्ष) हैं। हे पार्वती! श्रीरामचन्द्रजीके विषयमें इस प्रकार मोहकी कल्पना करना वैसा ही है जैसा आकाशमें अन्धकार, धूएँ और धूलका सोहना (दीखना)। [आकाश जैसे निर्मल और निर्लेप है, उसको कोई मलिन या स्पर्श नहीं कर सकता, इसी प्रकार भगवान् श्रीरामचन्द्रजी नित्य निर्मल और निर्लेप हैं]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 129 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चितव जो लोचन अंगुलि लाएँ। प्रगट जुगल ससि तेहि के भाएँ।।
उमा राम बिषइक अस मोहा। नभ तम धूम धूरि जिमि सोहा।।
स्रोत अभिलेख 1.117 · पुस्तक पृ. 129, 130
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चितव जो लोचन अंगुलि लाएँ। प्रगट जुगल ससि तेहि के भाएँ।।
English explanation
Someone who looks with a finger pressed against the eye sees two moons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चितव | देखता है | looks |
| जो | जो व्यक्ति | whoever |
| लोचन | आँख पर | against the eye |
| अंगुलि | उँगली | a finger |
| लाएँ | लगाकर | having pressed |
| प्रगट | दिखाई देते हैं | appear |
| जुगल | दो | two |
| ससि | चंद्रमा | moons |
| तेहि | उस व्यक्ति | that person |
| के | की | of |
| भाएँ | दृष्टि में | in the perception |
2 उमा राम बिषइक अस मोहा। नभ तम धूम धूरि जिमि सोहा।।
English explanation
Uma, such delusion concerning Rama is like darkness, smoke, and dust appearing in the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, Parvati |
| राम | राम | Rama, the Lord |
| बिषइक | के विषय में | concerning |
| अस | ऐसा | such |
| मोहा | मोह | delusion |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| तम | अंधकार | darkness |
| धूम | धुआँ | smoke |
| धूरि | धूल | dust |
| जिमि | जैसे | just as |
| सोहा | दिखाई देते हैं | appear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.117
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 129
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 129, 130
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