बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चारिअ भाइ सुभायँ सुहाए। नगर नारि नर देखन धाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दस्वभावसे ही सुन्दर चारों भाइयोंको देखनेके लिये नगरके स्त्री-पुरुष दौड़े। कोई कहता है— आज ये जाना चाहते हैं। विदेहने विदाईका सब सामान तैयार कर लिया है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 319 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चारिअ भाइ सुभायँ सुहाए। नगर नारि नर देखन धाए।।
कोउ कह चलन चहत हहिं आजू। कीन्ह बिदेह बिदा कर साजू।।
स्रोत अभिलेख 1.335 · पुस्तक पृ. 319, 319
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चारिअ भाइ सुभायँ सुहाए। नगर नारि नर देखन धाए।।
English explanation
All four brothers were naturally charming. The city's women and men rushed to see them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चारिअ | चारों | all four |
| भाइ | भाई | brothers |
| सुभायँ | स्वभावतः | naturally |
| सुहाए | सुंदर लग रहे थे | looked charming |
| नगर | नगर के | of the city |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| नर | पुरुष | men |
| देखन | देखने के लिए | to see them |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed |
2 कोउ कह चलन चहत हहिं आजू। कीन्ह बिदेह बिदा कर साजू।।
English explanation
Someone says, “They intend to leave today; King Janaka has made the arrangements for their departure.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोउ | कोई | someone |
| कह | कहता है | says |
| चलन | प्रस्थान करना | to depart |
| चहत | चाहते | wish |
| हहिं | हैं | are |
| आजू | आज | today |
| कीन्ह | कर दिया है | has made |
| बिदेह | विदेह राजा जनक ने | King Janaka of Videha |
| बिदा | विदाई | departure |
| कर | की | for |
| साजू | तैयारी | arrangements |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.335
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 319
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 319, 319
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।