बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चहुँ जुग तीनि काल तिहुँ लोका। भए नाम जपि जीव बिसोका।।
मूल पाठ
चहुँ जुग तीनि काल तिहुँ लोका। भए नाम जपि जीव बिसोका।।
बेद पुरान संत मत एहू। सकल सुकृत फल राम सनेहू।।
स्रोत अभिलेख 1.27 · पुस्तक पृ. 48, 49
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[केवल कलियुगकी ही बात नहीं है,] चारों युगोंमें, तीनों कालोंमें और तीनों लोकोंमें नामको जपकर जीव शोकरहित हुए हैं। वेद, पुराण और संतोंका मत यही है कि समस्त पुण्योंका फल श्रीरामजीमें [या रामनाममें] प्रेम होना है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 48 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चहुँ जुग तीनि काल तिहुँ लोका। भए नाम जपि जीव बिसोका।।
English explanation
In all four ages, all three divisions of time, and all three worlds, beings have become free from sorrow by chanting Rama’s name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चहुँ | चारों | all four |
| जुग | युगों में | in the ages |
| तीनि | तीनों | all three |
| काल | कालों में | in the divisions of time |
| तिहुँ | तीनों | all three |
| लोका | लोकों में | in the worlds |
| भए | हो गए हैं | have become |
| नाम | राम का नाम | Rama’s name |
| जपि | जपकर | by chanting |
| जीव | जीव | living beings |
| बिसोका | शोकरहित | free from sorrow |
2 बेद पुरान संत मत एहू। सकल सुकृत फल राम सनेहू।।
English explanation
The Vedas, Puranas, and saints hold this view: the fruit of all virtuous deeds is love for Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेद | वेदों का | of the Vedas |
| पुरान | पुराणों का | of the Puranas |
| संत | संतों का | of the saints |
| मत | मत | view |
| एहू | यही है | is this |
| सकल | समस्त | all |
| सुकृत | पुण्यकर्मों का | of virtuous deeds |
| फल | फल | fruit |
| राम | राम के प्रति | for Rama |
| सनेहू | प्रेम | love |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 48
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 48, 49
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