बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चली सुभग कबिता सरिता सो। राम बिमल जस जल भरिता सो।।
मूल पाठ
चली सुभग कबिता सरिता सो। राम बिमल जस जल भरिता सो।।
सरजू नाम सुमंगल मूला। लोक बेद मत मंजुल कूला।।
स्रोत अभिलेख 1.39 · पुस्तक पृ. 61, 63
भावार्थ
मूल पाठ के बादउससे वह सुन्दर कवितारूपी नदी बह निकली, जिसमें श्रीरामजीका निर्मल यशरूपी जल भरा है। इस(कवितारूपिणी नदी) का नाम सरयू है, जो सम्पूर्ण सुन्दर मङ्गलोंकी जड़ है। लोकमत और वेदमत इसके दो सुन्दर किनारे हैं॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 62 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चली सुभग कबिता सरिता सो। राम बिमल जस जल भरिता सो।।
English explanation
That beautiful river of poetry began to flow, filled with the water of Rama’s pure glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चली | बह चली | began to flow |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| कबिता | कविता-रूपी | of poetry |
| सरिता | नदी | river |
| सो | वह | that |
| राम | भगवान राम का | Lord Rama’s |
| बिमल | निर्मल | pure |
| जस | यश | glory |
| जल | जल-रूपी | as water |
| भरिता | भरी हुई | filled |
| सो | वह नदी | that river |
2 सरजू नाम सुमंगल मूला। लोक बेद मत मंजुल कूला।।
English explanation
Its name is Sarayu, a source of auspiciousness; worldly and Vedic understandings form its beautiful banks.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरजू | सरयू नदी | the Sarayu river |
| नाम | नाम | name |
| सुमंगल | शुभ मंगल का | of auspicious well-being |
| मूला | स्रोत | source |
| लोक | लोकपरंपरा | worldly tradition |
| बेद | वेद | the Vedas |
| मत | मत; मान्यताएँ | views; understandings |
| मंजुल | सुंदर | beautiful |
| कूला | तट | banks |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 62
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 61, 63
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।