बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे।।
मूल पाठ
चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे।।
कलि के कबिन्ह करउँ परनामा। जिन्ह बरने रघुपति गुन ग्रामा।।
स्रोत अभिलेख 1.14 · पुस्तक पृ. 35, 37
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं उन सब (श्रेष्ठ कवियों) के चरणकमलोंमें प्रणाम करता हूँ, वे मेरे सब मनोरथोंको पूरा करें। कलियुगके भी उन कवियोंको मैं प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने श्रीरघुनाथजीके गुणसमूहोंका वर्णन किया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 35 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे।।
English explanation
I bow to their lotus feet; may they fulfill all my aspirations.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चरन | चरण | feet |
| कमल | कमल-समान | lotus-like |
| बंदउँ | मैं वंदना करता हूँ | I bow to |
| तिन्ह | उन कवियों के | of those poets |
| केरे | के | belonging to |
| पुरवहुँ | पूरा करें | please fulfill |
| सकल | सभी | all |
| मनोरथ | अभिलाषाएँ | aspirations |
| मेरे | मेरी | my |
2 कलि के कबिन्ह करउँ परनामा। जिन्ह बरने रघुपति गुन ग्रामा।।
English explanation
I salute the poets of the Kali age who described Rama’s manifold virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कलि | कलियुग | the Kali age |
| के | के | of |
| कबिन्ह | कवियों को | to the poets |
| करउँ | मैं करता हूँ | I offer |
| परनामा | प्रणाम | salutation |
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| बरने | वर्णन किया | described |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम के | of Rama, lord of Raghu’s line |
| गुन | गुण | virtues |
| ग्रामा | समूह; अनेकता | multitude; collection |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 35
- सहायक विषय
- कवि-वन्दना · वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 35, 37
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।