बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि प्रकार बल मनहि देखाई। करिहउँ रघुपति कथा सुहाई।।
मूल पाठ
एहि प्रकार बल मनहि देखाई। करिहउँ रघुपति कथा सुहाई।।
ब्यास आदि कबि पुंगव नाना। जिन्ह सादर हरि सुजस बखाना।।
स्रोत अभिलेख 1.14 · पुस्तक पृ. 35, 37
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार मनको बल दिखलाकर मैं श्रीरघुनाथजीकी सुहावनी कथाकी रचना करूँगा। व्यास आदि जो अनेकों श्रेष्ठ कवि हो गये हैं, जिन्होंने बड़े आदरसे श्रीहरिका सुयश वर्णन किया है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 35 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एहि प्रकार बल मनहि देखाई। करिहउँ रघुपति कथा सुहाई।।
English explanation
Thus encouraging my mind, I shall tell the beautiful story of Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| प्रकार | प्रकार से | in this manner |
| बल | बल; साहस | strength; encouragement |
| मनहि | मन को | to the mind |
| देखाई | दिखाकर; देकर | having shown; imparting |
| करिहउँ | मैं करूँगा; कहूँगा | I shall compose or tell |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम की | of Rama, lord of Raghu’s line |
| कथा | कथा | story |
| सुहाई | सुंदर; मनभावनी | beautiful; delightful |
2 ब्यास आदि कबि पुंगव नाना। जिन्ह सादर हरि सुजस बखाना।।
English explanation
Vyasa and many other eminent poets have reverently described Hari’s glorious renown.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्यास | व्यास ऋषि | the sage Vyasa |
| आदि | आदि | and others |
| कबि | कवि | poets |
| पुंगव | श्रेष्ठ | eminent |
| नाना | अनेक | many |
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| सादर | आदरपूर्वक | reverently |
| हरि | भगवान हरि का | of Lord Hari |
| सुजस | सुंदर यश | glorious renown |
| बखाना | वर्णन किया | described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 35
- सहायक विषय
- कवि-वन्दना · वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 35, 37
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