बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चढ़ि बर बाजि बार एक राजा। मृगया कर सब साजि समाजा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दएक बार वह राजा एक अच्छे घोड़ेपर सवार होकर, शिकारका सब सामान सजाकर विन्ध्याचलके घने जंगलमें गया और वहाँ उसने बहुत-से उत्तम-उत्तम हिरन मारे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 161 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चढ़ि बर बाजि बार एक राजा। मृगया कर सब साजि समाजा।।
बिंध्याचल गभीर बन गयऊ। मृग पुनीत बहु मारत भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.156 · पुस्तक पृ. 161, 162
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चढ़ि बर बाजि बार एक राजा। मृगया कर सब साजि समाजा।।
English explanation
Once, having made all preparations for hunting, the king mounted an excellent horse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चढ़ि | चढ़कर | having mounted |
| बर | उत्तम | excellent |
| बाजि | घोड़े पर | a horse |
| बार | बार | occasion |
| एक | एक | one |
| राजा | राजा | the king |
| मृगया | शिकार | hunting |
| कर | के लिए | for |
| सब | सारा | all |
| साजि | तैयार करके | having prepared |
| समाजा | साज-सामान और व्यवस्था | equipment and arrangements |
2 बिंध्याचल गभीर बन गयऊ। मृग पुनीत बहु मारत भयऊ।।
English explanation
He entered the dense forest of the Vindhya mountains and began killing many game animals regarded as fit for hunting.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिंध्याचल | विंध्य पर्वत का | of the Vindhya mountains |
| गभीर | घना और गहरा | dense and deep |
| बन | वन | forest |
| गयऊ | गया | went |
| मृग | वन्य पशु | game animals |
| पुनीत | पवित्र माने गए; शिकार के योग्य | regarded as pure; fit for hunting |
| बहु | बहुत-से | many |
| मारत | मारने | killing |
| भयऊ | लगा | began |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.156
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 161
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 161, 162
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।