बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गरजहिं गज घंटा धुनि घोरा। रथ रव बाजि हिंस चहु ओरा।।
मूल पाठ
गरजहिं गज घंटा धुनि घोरा। रथ रव बाजि हिंस चहु ओरा।।
निदरि घनहि घुर्म्मरहिं निसाना। निज पराइ कछु सुनिअ न काना।।
स्रोत अभिलेख 1.301 · पुस्तक पृ. 284, 285
भावार्थ
मूल पाठ के बादहाथी गरज रहे हैं, उनके घंटोंकी भीषण ध्वनि हो रही है। चारों ओर रथोंकी घरघराहट और घोड़ोंकी हिनहिनाहट हो रही है। बादलोंका निरादर करते हुए नगाड़े घोर शब्द कर रहे हैं। किसीको अपनी-परायी कोई बात कानोंसे सुनायी नहीं देती॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 284 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गरजहिं गज घंटा धुनि घोरा। रथ रव बाजि हिंस चहु ओरा।।
English explanation
AI-draft interpretation: Elephants trumpet and bells sound mightily. The noise of chariots and the neighing of horses resound on all sides.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गरजहिं | गरजते हैं | trumpet |
| गज | हाथी | elephants |
| घंटा | घंटों की | of bells |
| धुनि | ध्वनि | sound |
| घोरा | प्रचंड | mighty |
| रथ | रथों का | of chariots |
| रव | शब्द | noise |
| बाजि | घोड़ों की | of horses |
| हिंस | हिनहिनाहट | neighing |
| चहु | चारों | all four |
| ओरा | ओर | directions |
2 निदरि घनहि घुर्म्मरहिं निसाना। निज पराइ कछु सुनिअ न काना।।
English explanation
Kettledrums rumble, putting thunderclouds to shame; neither one’s own words nor anyone else’s can be heard.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निदरि | तुच्छ करते हुए | putting to shame |
| घनहि | बादलों को | the clouds |
| घुर्म्मरहिं | गड़गड़ाते हैं | rumble |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
| निज | अपनी बात | one’s own words |
| पराइ | दूसरों की बात | others’ words |
| कछु | कुछ भी | anything |
| सुनिअ | सुनाई देता | is heard |
| न | नहीं | not |
| काना | कानों में | in the ears |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.301
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 284
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 284, 285
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।