बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
मूल पाठ
गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
साधु असाधु सदन सुक सारीं। सुमिरहिं राम देहिं गनि गारी।।
स्रोत अभिलेख 1.7 · पुस्तक पृ. 26, 27
भावार्थ
मूल पाठ के बादपवनके संगसे धूल आकाशपर चढ़ जाती है और वही नीच (नीचेकी ओर बहनेवाले) जलके संगसे कीचड़में मिल जाती है। साधुके घरके तोता-मैना राम-राम सुमिरते हैं और असाधुके घरके तोता-मैना गिन-गिनकर गालियाँ देते हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 27 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गगन चढ़इ रज पवन प्रसंगा। कीचहिं मिलइ नीच जल संगा।।
English explanation
Dust rises into the sky in the company of wind, but mingles with mud in the company of downward-flowing water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गगन | आकाश में | into the sky |
| चढ़इ | चढ़ती है | rises |
| रज | धूल | dust |
| पवन | हवा की | of wind |
| प्रसंगा | संगति से | through association |
| कीचहिं | कीचड़ में | with mud |
| मिलइ | मिल जाती है | mingles |
| नीच | नीचे जाने वाला | downward-flowing |
| जल | पानी की | of water |
| संगा | संगति से | through association |
2 साधु असाधु सदन सुक सारीं। सुमिरहिं राम देहिं गनि गारी।।
English explanation
Parrots and mynas in good people’s homes remember Rama, whereas those in wicked people’s homes utter abuse again and again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| साधु | सज्जनों के | of good people |
| असाधु | दुर्जनों के | of wicked people |
| सदन | घरों में | in the homes |
| सुक | तोते | parrots |
| सारीं | मैना पक्षी | mynas |
| सुमिरहिं | स्मरण करते हैं | remember; invoke |
| राम | भगवान राम को | Lord Rama |
| देहिं | देते हैं | give; utter |
| गनि | गिन-गिनकर; बार-बार | one after another; repeatedly |
| गारी | गालियाँ | abusive words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 27
- सहायक विषय
- संत-असंत-वन्दना · रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना
- मुद्रित पृष्ठ
- 26, 27
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।